कारगिल दिवस २६ जुलाई

२६ जुलाई भारत में कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इस दिन (२६ जुलाई १९९९) को भारत ने कारगिल के युद्ध में पाकिस्तान को हरा कर पहाड़ों पर स्थित अपने post (चौकियों) को वापस जीता था।

कारगिल युद्ध लगभग ६० दिनों से भी ज्यादा तक चला और २६ जुलाई १९९९ को समाप्त हुआ।

आज के दिन देश के प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति (इंडिया गेट) पर सैनिकों को श्रद्धांजली देते हैं।

इतिहासिक दृष्टिकोण

१९९७ में अंग्रेजो ने भारत तो छोड़ा ही और पीछे छोड़ गए भारत का बटवारा और इनके बीच कश्मीर जमीनी विवाद।

पाकिस्तान १९९७ से ही भारत के खिलाफ एक नकारात्मक दृष्टिकोण भारत पर लगातार अटैक करता रहा। भारत ने हर बार मुंहतोड़ जबाव दिया चाहे वो १९६५ हो या १९७२.

१९७२ के युद्ध के बाद शिमला समझौता हुआ जिससे भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को सही करने का मार्ग दिखा।

लेकिन जैसा कि हमें पता है पाकिस्तान एक deep state (यानी सेना का राज) है लोकतंत्र पूरी तरह से विकसित नहीं हो सका जिसका खामियाजा भारत को भोगना पड़ रहा है।

१९७२ के युद्ध के बाद पाकिस्तान को ये पूरी तरह से समझ आ गया कि वो भारत को सामने के युद्ध में नहीं हरा सकता और उसने आतंकवाद की सहायता लिया जो भारत से एक तरीके के युद्ध के रूप में प्रसारित किया जो उनके लिए पूर्ण रूप से आर्थिक रूप से ठीक था।

इस तरह पाकिस्तान ने कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया और अशांति फैलाया।

इस दौरान कई बार सियाचिन ग्लेशियर पे अपना आधिपत्य स्थापित करने की कोशिश की लेकिन हर बार हमारी सेना मुंहतोड़ जबाव देती रही।

पाकिस्तान के सैनिक नीति “भारत को हजार घवर देना” उनके आतंकवाद को बढ़ावा देने से कहीं ना कहीं पूर्ण हो रहा था।

लोकतांत्रिक तरीके से कई प्रयास करें गए दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने का किन्तु हमेशा असफल रहे।

जिनमे से शिमला समझौता फिर आगरा समझौता और फिर लाहौर समझौता फरवरी १९९९ को कश्मीर के मुद्दे को द्विपक्षीय संबंध से सुधारने की लेकिन इसके बाद कारगिल हुआ।

पाकिस्तान सेना ने operation बद्र के नाम से कुछ मुजाहिददीनो की घुशपैठ कराई और उनका टारगेट था सियाचिन ग्लेशियर।

लेकिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान के इस नपाक हरकत को कहीं से भी सफल नहीं होने दिया।

भारत ने operation Vijay launch किया और जिसमें लगभग २००००० सैनिकों ने अपना शौर्य दिखाते हुए कारगिल युद्ध में विजयी हुए।

इस युद्ध में ५२७ सैनिक शहीद हुए।

आज हम उन्हें नमन करते है और उन्हें याद करते है।

जय हिन्द।

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